आर्यों का मूल निवास स्थान और उसकी पहचान

आर्यों का मूल निवास स्थान

आर्यों के मूल निवास स्थान के बारे में विद्वानों एवं इतिहासकारों के बीच मतभेद है। आर्यों का मूल निवास स्थान आल्पस पर्वत के पूर्वी क्षेत्र के आसपास माना जाता है जो वर्तमान यूरेशिया क्षेत्र में रूप में जाना जाता है।

मैक्स मूलर के अनुसार आर्यों का निवास स्थान मध्य एशिया माना गया है जो सर्वाधिक मान्य अवधारणा है।

भारत में आर्यों की जानकारी ऋग्वेद से मिलती है इस वेद में आर्य शब्द का उल्लेख 36 बार हुआ है।

साहित्यिक साक्ष्य

ऋग्वेदिक काल के अध्ययन के लिए साहित्य के एवं पुरातात्विक साक्ष्यों का सहारा लिया जाता है।

ऋग्वेद एक संहिता है जिसमें 10 मंडल तथा 1028 सुक्त है ऋग्वेद के तीन पाठ हैं

  • साकल -1017 मंत्र
  • बाल खिल्य -17 मंत्र
  • वास्कल – 56 मंत्र

पुरातात्विक साक्ष्य

बोगाज़कोई अभिलेख

इस अभिलेख को मितन्नी अभिलेख के नाम से भी जाना जाता है।